पोमोडोरो टाइमर काम को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटता है: 25 मिनट पूरा ध्यान, फिर 5 मिनट आराम। चार सेशन के बाद 15 मिनट का लंबा ब्रेक मिलता है। यह फ्री है, बिना साइन-अप के, और फ़ोन या लैपटॉप दोनों पर चलता है।
इस तरीके का सीधा नियम है: एक समय में एक काम। टाइमर चालू कीजिए और 25 मिनट सिर्फ़ उसी काम पर टिके रहिए। न फ़ोन चेक करना, न बीच में कुछ और। घंटी बजे तो 5 मिनट उठिए, पानी पीजिए, आँखों को आराम दीजिए। ऐसे चार सेशन पूरे होने पर 15 मिनट का लंबा ब्रेक लीजिए, चाय पीजिए या थोड़ा टहल आइए।
छोटे सेशन में काम शुरू करना आसान लगता है, और बार-बार के ब्रेक से थकान जमा नहीं होती। कई लोग पाते हैं कि दो घंटे की बिखरी पढ़ाई से चार पोमोडोरो ज़्यादा असर करते हैं।
बोर्ड परीक्षा हो या कोई प्रतियोगी परीक्षा, सिलेबस बड़ा दिखता है। हर पोमोडोरो को एक छोटा लक्ष्य दीजिए, जैसे एक चैप्टर के सवाल या 30 शब्दों की वोकैबुलरी। दिन के अंत में गिनिए कि कितने सेशन पूरे हुए, इससे मेहनत का साफ़ हिसाब मिलता है। ब्रेक में सोशल मीडिया खोलने से बचें, वरना 5 मिनट कब 20 बन जाते हैं पता नहीं चलता।
ईमेल का ढेर, रिपोर्ट लिखना या कोडिंग, हर काम में पोमोडोरो मदद करता है। मीटिंग के बीच मिले 30 मिनट में एक सेशन पूरा कीजिए। घर से काम करने वाले लोग ब्रेक में छोटे घरेलू काम निपटा सकते हैं, जैसे कपड़े सुखाना। अगर कोई ज़रूरी बात बीच में याद आए, तो उसे कागज़ पर लिख लीजिए और सेशन खत्म होने के बाद देखिए।
एक काम चुनें और फ़ोन की सूचनाएँ बंद करें। शुरू करें दबाकर फोकस सेशन चलाएँ। सेशन खत्म होने पर आवाज़ आती है और छोटा ब्रेक अपने आप सामने आ जाता है। चार सेशन के बाद लंबा ब्रेक मिलता है।
फोकस का समय बदलना हो तो फोकस के मिनट वाले खाने में संख्या बदलें, जैसे बच्चों के लिए 15 मिनट या गहरे काम के लिए 40 मिनट।
ब्रेक में स्क्रीन से नज़र हटाएँ, पानी पिएँ, थोड़ा टहलें या स्ट्रेच करें। ब्रेक में सोशल मीडिया खोलने से अगला सेशन शुरू करना मुश्किल हो जाता है।
25 मिनट शुरुआत के लिए अच्छा है, क्योंकि यह छोटा भी है और काम लायक भी। आदत पड़ने पर कई लोग अपनी ज़रूरत के हिसाब से समय बदलते हैं। सबसे ज़रूरी है ब्रेक नियम से लेना।
हर चार फोकस सेशन के बाद टाइमर अपने-आप 15 मिनट का लंबा ब्रेक देता है। बाकी हर सेशन के बाद 5 मिनट का छोटा ब्रेक होता है।
रोकें दबाइए और काम निपटाकर फिर से चलाइए। अगर रुकावट लंबी हो जाए, तो उस सेशन को रीसेट करके नए सिरे से 25 मिनट शुरू करना बेहतर रहता है।
हाँ, बस छोटे बच्चों के लिए फोकस का समय कम रखें, जैसे 15 मिनट। फुल स्क्रीन पर टाइमर दिखने से बच्चे खुद देख पाते हैं कि ब्रेक कितनी दूर है।
हाँ, एक बार पेज खुलने के बाद नेट न होने पर भी सेशन और ब्रेक चलते रहते हैं और हर सेशन के अंत में आवाज़ आती है।
रोकें दबाएँ और लौटकर शुरू करें दबाएँ। गिनती वहीं से आगे बढ़ेगी जहाँ रुकी थी।