यह 5 मिनट का टाइमर खुलते ही तैयार है, बस शुरू करें दबाइए। पाँच मिनट पूरे होते ही आवाज़ आएगी। पूरी तरह फ्री, कोई साइन-अप नहीं, और मोबाइल पर भी चलता है।
पाँच मिनट कम लगते हैं, पर सही इस्तेमाल हो तो काफ़ी हैं। इतने में अदरक वाली चाय बन जाती है, अंडा उबल जाता है, या नूडल्स तैयार हो जाती है। दाँत ब्रश करने के लिए 2 मिनट काफ़ी हैं, और बाकी समय में चेहरा धोकर तैयार हुआ जा सकता है। कंप्यूटर पर काम करते हुए हर घंटे 5 मिनट उठकर स्ट्रेचिंग करने से कमर और आँखों दोनों को राहत मिलती है।
जिस काम को आप टाल रहे हैं, उसके लिए खुद से बस इतना कहिए: सिर्फ़ 5 मिनट करूँगा। टाइमर लगाइए और शुरू कर दीजिए। अक्सर सबसे मुश्किल हिस्सा शुरुआत ही होता है, और 5 मिनट बाद मन खुद आगे करने को तैयार हो जाता है। अलमारी साफ़ करनी हो, कोई मुश्किल ईमेल लिखनी हो या किताब खोलनी हो, यह छोटा-सा नियम बहुत काम करता है।
रोज़ 5 मिनट शांत बैठकर साँस पर ध्यान देना एक अच्छी शुरुआत है। टाइमर लगा देने से बार-बार घड़ी देखने की चिंता नहीं रहती। आराम से बैठिए, आँखें बंद कीजिए और धीरे-धीरे गिनती के साथ साँस लीजिए। अनुलोम-विलोम या भ्रामरी जैसे अभ्यास के लिए भी यह समय ठीक है। आवाज़ बहुत तेज़ न लगे, इसलिए वॉल्यूम पहले से कम रख लें।
लगातार स्क्रीन देखने से आँखें और कमर थकती हैं। हर घंटे पाँच मिनट उठकर पानी पिएँ, आँखें बंद करें या थोड़ा चलें। टाइमर लगाने से ब्रेक पाँच मिनट का ही रहता है, लंबा नहीं खिंचता।
शुरू करें दबाएँ, या कंप्यूटर पर स्पेस दबाएँ। समय पूरा होने पर आवाज़ आती है। दोबारा चलाना हो तो रीसेट करें। दूसरा समय चाहिए तो झटपट बटन या मिनट वाला खाना इस्तेमाल करें।
नहीं, पेज खुलने पर टाइमर 5:00 पर तैयार रहता है और शुरू करें दबाने या स्पेस दबाने पर ही चलता है। इससे आप पहले अपनी तैयारी कर सकते हैं।
हाँ, मिनट वाले खाने में कोई भी संख्या डाल सकते हैं या दूसरे प्रीसेट बटन चुन सकते हैं। फिर भी 5 मिनट का पेज बुकमार्क कर लें तो एक टैप में सीधा खुल जाएगा।
खिलौने समेटना, होमवर्क से पहले की तैयारी या टीवी बंद करने से पहले की चेतावनी, बच्चे टाइमर देखकर बात आसानी से मानते हैं। फुल स्क्रीन पर बड़े अंक उन्हें साफ़ दिखते हैं।
अलार्म बजता है और टाइमर ऊपर की ओर गिनने लगता है, ताकि पता रहे कि 5 मिनट से कितना ऊपर हो गया। रीसेट दबाकर फिर से 5 मिनट लगा सकते हैं।
गिनती सही समय से चलती रहती है, लेकिन कुछ फ़ोन लॉक स्क्रीन पर ब्राउज़र की आवाज़ रोक देते हैं। ज़रूरी काम के लिए स्क्रीन चालू रखें।
हाँ, पेज खुलने के बाद टाइमर ऑफ़लाइन भी चलता है।